नई दिल्ली । पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पर वेब पोर्टल की लांचिंग के मौके पर भी प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह भाजपा के निशाने पर आ गए। वाजपेयी के विराट राजनीतिक व्यक्तित्व से मनमोहन की तुलना करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने कहा कि वाजपेयी जहां प्रधानमंत्री के साथ-साथ लीडर भी थे, वहीं मनमोहन अपनी पार्टी के भी लीडर नहीं हैं।
यहां मंगलवार को वाजपेयी के भाषण, कविताएं, व्यक्तिगत जीवन से संबंधित घटनाओं को समेटते हुए वेब पोर्टल डब्लूडब्लूडब्लू.अटलजी.ऑर्ग को लांच किया गया। इसके बाद सुषमा ने कहा कि बतौर प्रधानमंत्री अटल ने 24 दलों के गठबंधन का नेतृत्व किया था। लेकिन कभी कोई परेशानी नहीं हुई। जबकि वर्तमान प्रधानमंत्री बार-बार गठबंधन की मजबूरी बताते हैं। सुषमा ने कहा कि इसका मुख्य कारण यह है कि अटल पीएम के साथ-साथ एक लीडर भी थे। जबकि मनमोहन सिंह सिर्फ प्रधानमंत्री हैं। लीडर तो वह अपनी पार्टी के भी नहीं हैं।
अटल के व्यक्तित्व का वर्णन करते हुए उन्होंने परोक्ष रूप से कांग्रेस और शायद अपनी पार्टी के कुछ नेताओं को भी संदेश दे दिया। उन्होंने कहा कि कई मौके ऐसे भी आए, जब शीर्ष पर होने के बावजूद अटल ने पार्टी के अंदर बहुमत के फैसले को सहर्ष स्वीकार कर लिया था। लोकतंत्र में विश्वास और कार्यकर्ता की पराकाष्ठा का यह संकेत था। वेब पोर्टल में अटल के भाषण, बयान, कविताएं आदि डिजिटल फार्म में संकलित किए गए हैं। उनके ऊपर लिखी गई पुस्तकों को भी शामिल किया गया है। लांच के मौके पर सुषमा के साथ-साथ वाजपेयी के विश्वस्त सहयोगी शिव कुमार, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वीके मल्होत्रा समेत कुछ दूसरे नेता मौजूद थे।


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